एक सुंदर से गाँव में रवि नाम का एक लड़का रहता था। वह रोज़ अपनी भेड़ों को चराने के लिए जंगल के किनारे बने मैदानों में ले जाता था। रवि बहुत ही समझदार लड़का था, लेकिन एक दिन उसे बहुत गुस्सा आया।
दोपहर के समय, एक नन्हीं बकरी का बच्चा जंगल की ओर भागने लगा। रवि दौड़कर गया और उसे पकड़कर सुरक्षित स्थान पर ले आया। उसने बकरी से कहा, "वहाँ मत जाओ, जंगल खतरनाक है!"
लेकिन कुछ ही देर बाद, वह बकरी फिर से जंगल की तरफ भागने की कोशिश करने लगी। रवि को बहुत गुस्सा आया। उसने गुस्से में आकर पास पड़ा एक पत्थर उठाया और बकरी की ओर फेंक दिया। दुर्भाग्य से, वह पत्थर बकरी के सींग पर जोर से लगा और उसका एक सींग टूट गया।
रवि बहुत डर गया। उसने सोचा, "अगर माँ को पता चला तो वह मुझे बहुत डाँटेगी!" वह बकरी के पास गया और बोला, "प्लीज, किसी को मत बताना कि मैंने पत्थर मारा है। हम कह देंगे कि तुम खुद गिर गई थी।"
बकरी ने उदास आँखों से रवि की ओर देखा और कहा, "तुम मुझसे सच छुपाने के लिए कह सकते हो, लेकिन यह टूटा हुआ सींग सच बोल देगा। जो भी इसे देखेगा, उसे पता चल जाएगा कि क्या हुआ था।"
तभी रवि के पिता वहाँ आ गए। बकरी का टूटा हुआ सींग देखकर उन्होंने पूछा, "रवि, यह बकरी कैसे घायल हुई?"
रवि का दिल तेजी से धड़कने लगा। उसे अहसास हुआ कि झूठ बोलकर वह और भी बड़ी मुसीबत में पड़ सकता है। उसने हिम्मत जुटाई और सारी सच्चाई बता दी। अपने पिता से माफी माँगने के बाद उसे बहुत हल्का महसूस हुआ। उसने सीखा कि सच को छिपाना मुश्किल है।
Moral
गलत काम कभी छिपते नहीं हैं, सच हमेशा सामने आता है।