बहुत समय पहले की बात है, एक घने जंगल में साही (hedgehogs) रहते थे। वे आज के साही जैसे नहीं थे; वे बहुत ही सुंदर थे। उनका शरीर रेशम की तरह मुलायम बालों से ढका रहता था और उनके शरीर पर एक भी कांटा नहीं था।
अपनी सुंदरता के कारण साही बहुत घमंडी हो गए थे। वे जंगल के अन्य जानवरों का मज़ाक उड़ाते थे और कहते थे, 'देखो, हम इस जंगल के सबसे सुंदर प्राणी हैं!' इस घमंड की वजह से वे किसी से दोस्ती नहीं करते थे और अकेले ही घूमते थे।
लेकिन उनकी यही सुंदरता उनके लिए खतरा बन गई। जंगल के शिकारी जानवरों को साही का मुलायम शरीर बहुत पसंद था। क्योंकि उनके पास खुद को बचाने के लिए कुछ नहीं था, वे हमेशा डर के साये में जीते थे। जब भी कोई शिकारी आता, उन्हें अपनी जान बचाकर भागना पड़ता था।
एक दिन, एक भूखी लोमड़ी से बाल-बाल बचने के बाद, साही जंगल के एक बुद्धिमान हाथी के पास गए। उन्होंने हाथी दादा से प्रार्थना की, 'दादा, हम बहुत सुंदर हैं, लेकिन हमारी यही सुंदरता हमें मुसीबत में डाल देती है। कृपया हमें कोई ऐसा तरीका बताएं जिससे हम सुरक्षित रह सकें!'
हाथी ने शांति से कहा, 'सुरक्षा पाना चाहते हो? लेकिन क्या तुम इसके बदले अपनी उस सुंदरता का त्याग करने के लिए तैयार हो जिसे तुम सबसे ज़्यादा प्यार करते हो?'
साही ने एक पल भी नहीं सोचा। उन्होंने कहा, 'हाँ! हमें सुंदर होने से ज़्यादा ज़रूरी सुरक्षित रहना है।'
जैसे ही उन्होंने यह फैसला लिया, एक चमत्कार हुआ। उनके मुलायम बाल धीरे-धीरे सख्त होने लगे और नुकीले कांटों में बदल गए। कुछ ही दिनों में, उनका पूरा शरीर कांटों से ढंक गया।
अब स्थिति बदल चुकी थी। जब एक लोमड़ी ने एक साही को पकड़ने की कोशिश की, तो उसके मुँह में तेज़ कांटे चुभ गए। लोमड़ी दर्द से चिल्लाते हुए भाग गई। साही अब बिना किसी डर के जंगल में घूम सकते थे। उन्होंने अपनी सुंदरता तो खो दी थी, लेकिन उन्हें शांति और सुरक्षा मिल गई थी।
Moral
घमंड से बढ़कर सुरक्षा और शांति है।