एक बहुत ही सुंदर जंगल में नील नाम का एक मोर रहता था। नील के पंख बहुत ही रंगीन और चमकदार थे। लेकिन अपनी सुंदरता के कारण नील बहुत घमंडी हो गया था। उसे लगता था कि वह जंगल के सभी जानवरों से श्रेष्ठ है।
वह अक्सर अपने पंख फैलाकर दूसरे जानवरों के सामने चलता और कहता, "मेरे पंखों की चमक देखो! क्या तुमने कभी इतनी सुंदरता देखी है?" उसकी इस आदत से जंगल के बाकी जानवर परेशान रहते थे और उससे दूर रहने लगे थे।
एक दिन, नील एक तालाब के किनारे बैठा अपनी परछाई देख रहा था। तभी उसने देखा कि पास ही एक सफेद सारस शांति से मछली पकड़ रहा है। नील को मौका मिल गया और वह सारस का मज़ाक उड़ाने लगा।
"अरे सारस! अपने आप को देखो, कितने बेरंग और साधारण हो! क्या तुम्हें बुरा नहीं लगता कि तुम्हारे पास मेरे जैसे सुंदर पंख नहीं हैं?" नील ने हँसते हुए कहा।
सारस ने बहुत ही शांत स्वर में उत्तर दिया, "नील, तुम सही कह रहे हो। तुम्हारे पंख वाकई बहुत खूबसूरत हैं। मैं तुम्हारी तरह रंगीन नहीं हूँ, लेकिन मेरे पास एक विशेष शक्ति है।
"मेरे पंख बहुत मजबूत हैं। मैं बादलों के ऊपर तक उड़ सकता हूँ और आसमान से पूरी दुनिया की सुंदरता देख सकता हूँ। मैं बहुत ऊँचाई तक उड़ सकता हूँ। क्या तुम अपने इन भारी और सुंदर पंखों के साथ इतनी ऊँचाई तक उड़ सकते हो?"
नील सन्न रह गया। उसे समझ आ गया कि केवल सुंदरता ही सब कुछ नहीं होती। उसने महसूस किया कि हर जीव के पास अपनी एक अलग खूबी होती है। उसे अपने घमंड पर बहुत पछतावा हुआ। उस दिन के बाद, नील ने दूसरों का मज़ाक उड़ाना छोड़ दिया और सबकी क्षमताओं का सम्मान करना सीख लिया।
Moral
बाहरी सुंदरता ही सब कुछ नहीं है, हर किसी के पास अपना एक अलग हुनर होता है।